SPRITUAL WORDS
SPRITUAL WORDS ब्रह्म कौन है ? २. कहां रहता है ? ३. मंत्र क्या है ? ४. ब्रह्म अपने से अन्य परमात्मा की शरण में जाने को क्यूँ कह रहा है ? ५. वेद और गीताजी में मंत्र जाप क्या है ? ६. यजुर्वेद अध्याय ४० मंत्र ८ से १७ का सही अर्थ क्या है ? ब्रह्म वेद और गीताजी ज्ञान दाता है। साकार है। अव्यक्त है। अर्थात छुपा हुआ है। यह क्षर पुरूष है। यह ब्रह्म लोकीय आकाश में रहता है। यानी ब्रह्म लोक में। मंत्र है ओम। ब्रह्म साधक की पूर्ण मोक्ष नही इसलिये परमात्मा की शरण में जाने को कह रहा है। वेद और गीताजी में मंत्र जाप अर्थात पूजा विधि ब्रह्म तक है। महिमा परमात्मा की भी है। ब्रह्म का ईष्ट देव पूर्ण ब्रह्म परमात्मा है। पूर्ण ब्रह्म परमात्मा भी अव्यक्त है। ब्रह्म पूर्ण मोक्ष और अध्यात्म ज्ञान के लिये तत्वदर्शी संत के पास जाने को कह रहा है। पूर्ण मोक्ष और अध्यात्म ज्ञान सच्चिदानंदघन ब्रह्म अर्थात परमात्मा की वाणी, सूक्ष्म वेद में है। ३ ब्रह्म हैं। ब्रह्म, क्षर पुरूष, परब्रह्म, अक्षर पुरूष परम अक्षर ब्रह्म, उत्तम पुरुष, पूर्ण ब्रह्म परमात्मा। पूर्ण ब्रह्म परमात्मा ही अविनाशी और सबका जनक है। प्रमाण,...